“सितारे और ग्रह: कुरान और साइंस क्या छिपा रहे हैं?”

परिचय

रात के आसमान में चमकते सितारे और ग्रह देखकर क्या आपके मन में सवाल उठते हैं ये कहाँ से आए और इनका मकसद क्या है? कुरान और साइंस दोनों इन सवालों के जवाब अपने-अपने तरीके से देते हैं। कुरान इन्हें अल्लाह की निशानियाँ बताता है, तो साइंस इनकी उत्पत्ति और संरचना को खोजती है। इस ब्लॉग में हम सितारों और ग्रहों के रहस्य को खोलेंगे, जिसमें मशहूर साइंटिस्ट्स जैसे गैलीलियो और नील डिग्रास टायसन के काम के साल भी शामिल होंगे। तैयार हैं अंतरिक्ष के इस सफर के लिए?

कुरान में सितारे और ग्रह

कुरान में सितारों और ग्रहों को अल्लाह की कुदरत की मिसाल बताया गया है। सूरह फुस्सिलत (41:12) में लिखा है:

“फिर उसने सात आसमान दो दिनों में बनाए और हर आसमान को उसका काम सौंपा। और हमने निचले आसमान को सितारों से सजाया और उनकी हिफाज़त की।”

यह आयत सितारों को आसमान की सजावट और मार्गदर्शन का साधन बताती है। सूरह अन-नुर (71:16) कहती है:

“और चाँद को उसमें नूर बनाया और सूरज को एक चिराग बनाया।”

कुरान सितारों को रास्ता दिखाने और ग्रहों को ब्रह्मांड का हिस्सा बताता है। क्या साइंस भी यही कहती है?

साइंस में सितारे और ग्रह

साइंस सितारों और ग्रहों को ब्रह्मांड की बुनियाद मानती है। गैलीलियो गैलिली (Galileo Galilei) ने 1610 में अपनी दूरबीन से ग्रहों (जैसे बृहस्पति के चंद्रमा) को देखा और साबित किया कि पृथ्वी ब्रह्मांड का केंद्र नहीं है।

  • सितारे: ये गैस के विशाल गोले हैं जो न्यूक्लियर फ्यूज़न से चमकते हैं। सूरज एक सितारा है, जो 4.6 अरब साल पहले बना।
  • ग्रह: ये सितारों के चारों ओर चक्कर लगाते हैं। हमारे सौरमंडल में 8 ग्रह हैं, जिनकी खोज में निकोलस कोपरनिकस (Nicolaus Copernicus) ने 1543 में योगदान दिया।

आधुनिक साइंटिस्ट नील डिग्रास टायसन (Neil deGrasse Tyson) ने 2014 में “Cosmos” सीरीज़ में बताया कि सितारे और ग्रह ब्रह्मांड के विकास का हिस्सा हैं। साइंस कहती है कि सितारे हमें रास्ता दिखाते हैं—कुरान से कितना मिलता-जुलता!

"गैलीलियो और कुरान में सितारों की उत्पत्ति"

कुरान और साइंस का कनेक्शन

कुरान ने सितारों को “सजावट” और “मार्गदर्शन” कहा, जो गैलीलियो (1610) और कोपरनिकस (1543) की खोजों से मेल खाता है। सूरज को “चिराग” कहना साइंस के सूरज की ऊर्जा से जुड़ता है। नील टायसन (2014) ने सितारों को ब्रह्मांड की कहानी का हिस्सा बताया, जो कुरान की निशानियों से कितना करीब है। क्या यह संयोग है कि 1400 साल पुरानी किताब और आज की साइंस एक ही दिशा में इशारा करते हैं?

निष्कर्ष

सितारे और ग्रह कुरान में अल्लाह की कुदरत और साइंस में ब्रह्मांड की नींव हैं। गैलीलियो (1610), कोपरनिकस (1543), और नील टायसन (2014) ने इन रहस्यों को खोला, लेकिन कुरान ने पहले ही संकेत दे दिए थे। अगली बार आसमान देखें, तो सोचें—ये चमकते बिंदु क्या कहानी छिपाए हैं? अपने विचार कमेंट में बताएँ!

अगली पोस्ट इस बारे में होगी:
हम अगली बार समय और अंतरिक्ष पर कुरान और साइंस की राय जानेंगे। इसे मिस न करें!

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