“ब्रह्मांड का फैलाव और अंत: कुरान और साइंस का क्या है जवाब?”

परिचय

क्या आपने कभी सोचा कि यह विशाल ब्रह्मांड कैसे फैल रहा है और इसका अंत कैसे होगा? कुरान और साइंस दोनों इस रहस्य पर अपनी रोशनी डालते हैं, और हैरानी की बात यह है कि उनकी बातें एक-दूसरे से मिलती हैं। कुरान इसे अल्लाह की कुदरत से जोड़ता है, तो साइंस इसे वैज्ञानिक सिद्धांतों से समझाती है। इस ब्लॉग में हम ब्रह्मांड के फैलाव और उसके अंत के बारे में जानेंगे, जिसमें मशहूर साइंटिस्ट्स जैसे एडविन हबल और स्टीफन हॉकिंग के काम भी शामिल होंगे। क्या ब्रह्मांड का अंत सचमुच एक रहस्यमयी सच्चाई है? चलिए पता लगाते हैं!

कुरान में ब्रह्मांड का फैलाव और अंत

कुरान में ब्रह्मांड के फैलाव का ज़िक्र सूरह अध-धरियात (51:47) में है:

“और आकाश को हमने अपनी शक्ति से बनाया, और निश्चय ही हम उसे फैलाने वाले हैं।”

यह आयत साफ बताती है कि ब्रह्मांड फैल रहा है, जो 1400 साल पहले कही गई बात है। इसके अंत के बारे में सूरह अल-अनबिया (21:104) कहती है:

“(ये) वह दिन (होगा) जब हम आसमान को इस तरह लपेटेगे जिस तरह ख़तों का तूमार लपेटा जाता है जिस तरह हमने (मख़लूक़ात को) पहली बार पैदा किया था (उसी तरह) दोबारा (पैदा) कर छोड़ेगें (ये वह) वायदा (है जिसका करना) हम पर (लाज़िम) है और हम उसे ज़रूर करके रहेंगे “

साइंस में ब्रह्मांड का फैलाव और अंत

साइंस में ब्रह्मांड के फैलाव की खोज एडविन हबल (Edwin Hubble) ने की। 1929 में हबल ने साबित किया कि गैलेक्सीज़ एक-दूसरे से दूर जा रही हैं, जिससे “Expanding Universe” का सिद्धांत सामने आया। यह कुरान के “हम उसे फैलाने वाले हैं” से कितना मिलता है!

  • बिग बैंग: साइंटिस्ट्स का मानना है कि ब्रह्मांड 13.8 अरब साल पहले बिग बैंग से शुरू हुआ और तब से फैल रहा है।
  • स्टीफन हॉकिंग (Stephen Hawking): 1988 में अपनी किताब “A Brief History of Time” में हॉकिंग ने ब्रह्मांड के संभावित अंत के बारे में बताया। उनके मुताबिक, यह या तो हमेशा फैलता रहेगा (Big Freeze) या सिकुड़कर खत्म होगा (Big Crunch)।

कुरान का “लपेट देना” और साइंस का “Big Crunch”—क्या यह एक ही सच्चाई की ओर इशारा है?

"एडविन हबल और कुरान में ब्रह्मांड का फैलाव"

कुरान और साइंस का कनेक्शन

कुरान ने 1400 साल पहले ब्रह्मांड के फैलाव का ज़िक्र किया, जिसे एडविन हबल ने 1929 में खोजा। इसके अंत की बात स्टीफन हॉकिंग के सिद्धांत से मिलती-जुलती है। Albert Einstein ने भी 1917 में अपनी “Theory of General Relativity” से ब्रह्मांड की गतिशीलता को समझाया, जो फैलाव और सिकुड़न की नींव रखती है। क्या यह संभव है कि कुरान और साइंस एक ही सच्चाई को अलग-अलग भाषा में बयान कर रहे हों?

निष्कर्ष

ब्रह्मांड का फैलाव और अंत एक ऐसा रहस्य है जो कुरान और साइंस दोनों को जोड़ता है। कुरान इसे अल्लाह की योजना बताता है, और साइंस इसे खोजों से समझाती है—एडविन हबल (1929), स्टीफन हॉकिंग (1988), और आइंस्टीन (1917) इसके गवाह हैं। अगली बार जब आप तारों को देखें, तो सोचें—यह सब कहाँ जा रहा है? अपने विचार कमेंट में बताएँ, हमें इंतज़ार रहेगा!

अगली पोस्ट इस बारे में होगी:
हम अगली बार सितारों और ग्रहों पर कुरान और साइंस की नज़र जानेंगे। इसे मिस न करें!

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