“दुनिया की शुरुआत: कुरान और साइंस में क्या समानताएं हैं?”

परिचय

क्या आपने कभी सोचा कि कुरान में दुनिया की शुरुआत कैसे हुई? यह सवाल हर इंसान के दिमाग में उठता है। कुरान और साइंस दोनों इस रहस्य पर रोशनी डालते हैं। कुरान, जो 1400 साल पहले नाज़िल हुई, और बिग बैंग थ्योरी जैसी आधुनिक खोजें हमें हैरान करने वाली समानताएं दिखाती हैं। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि कुरान में ब्रह्मांड की रचना और साइंस एक ही सच्चाई की ओर कैसे इशारा करते हैं। तो चलिए, इस सफर की शुरुआत करते हैं!

कुरान में दुनिया की शुरुआत

कुरान में अल्लाह ने ब्रह्मांड की रचना का ज़िक्र कई जगह किया है। सूरह अल-अनबिया (21:30) में कहा गया:

“क्या इनकार करने वालों ने यह नहीं देखा कि आकाश और धरती पहले एक ही थे, फिर हमने उन्हें अलग किया और हर ज़िंदा चीज़ को पानी से बनाया? क्या फिर भी वे यकीन नहीं करते?”

इस आयत में “आकाश और धरती पहले एक ही थे” का मतलब हो सकता है कि ब्रह्मांड की शुरुआत एक सिंगल पॉइंट से हुई। फिर अल्लाह ने इसे अलग किया, यानी फैलाया। कुरान में यह भी कहा गया कि अल्लाह ने छह दिनों (या चरणों) में सब कुछ बनाया और फिर अर्श पर स्थापित हुआ (सूरह अल-अराफ, 7:54)। यह हमें बताता है कि रचना एक प्रक्रिया थी, जो धीरे-धीरे पूरी हुई।

साइंस क्या कहती है?

आधुनिक साइंस की मशहूर थ्योरी “बिग बैंग” भी कुछ ऐसा ही कहती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, करीब 13.8 बिलियन साल पहले ब्रह्मांड एक बेहद छोटे, गर्म और सघन बिंदु से शुरू हुआ। फिर एक बड़े धमाके के साथ यह फैलने लगा। आज हम देखते हैं कि गैलेक्सीज़ एक-दूसरे से दूर जा रही हैं, जो इस बात का सबूत है कि ब्रह्मांड लगातार बढ़ रहा है।

अब ज़रा सोचें—कुरान में “हमने उन्हें अलग किया” और साइंस में “ब्रह्मांड का फैलाव”—क्या यह महज़ संयोग है? साइंस यह भी कहती है कि पानी जीवन का आधार है, और कुरान में भी “हर ज़िंदा चीज़ को पानी से बनाया” का ज़िक्र है।

कुरान और साइंस का कनेक्शन

कुरान कोई साइंस की किताब नहीं है, बल्कि यह इंसान को सोचने और अल्लाह की कुदरत को समझने की दावत देती है। फिर भी, कुरान और साइंस में समानताएं देखकर हैरानी होती है। बिग बैंग थ्योरी को वैज्ञानिकों ने 20वीं सदी में खोजा, लेकिन कुरान ने इसके संकेत 1400 साल पहले ही दे दिए थे। यह हमें दिखाता है कि कुरान में ब्रह्मांड की रचना और साइंस एक ही सच्चाई के दो पहलू हो सकते हैं।

निष्कर्ष

दुनिया की शुरुआत का सवाल हर इंसान के दिमाग में उठता है। कुरान हमें बताता है कि यह अल्लाह की कुदरत से हुआ, और साइंस उस प्रक्रिया को समझाने की कोशिश करती है। क्या यह संभव है कि कुरान और साइंस एक ही सच्चाई की ओर इशारा करते हों? अगली बार जब आप आसमान की ओर देखें, तो सोचें—यह सब कैसे शुरू हुआ और इसका मालिक कौन है। अपने विचार कमेंट में ज़रूर बताएं!

अगली पोस्ट इस बारे में होगी:
हम अगली पोस्ट में बात करेंगे कि कुरान और साइंस जीवन की उत्पत्ति और पानी के महत्व के बारे में क्या कहते हैं। इसे मिस न करें!

2 thoughts on ““दुनिया की शुरुआत: कुरान और साइंस में क्या समानताएं हैं?””

  1. कुरान में ब्रह्मांड की उत्पत्ति के बारे में जो बताया गया है, वह विज्ञान के सिद्धांतों से कई मायनों में मेल खाता है। यह दिलचस्प है कि कैसे धार्मिक ग्रंथों में वैज्ञानिक तथ्यों की झलक मिलती है। “आकाश और धरती पहले एक ही थे” यह कहना एक बड़े विस्तार की ओर इशारा करता है। क्या यह संयोग है कि कुरान और विज्ञान दोनों जीवन के आधार के रूप में पानी को महत्व देते हैं?

    Reply

Leave a Comment