परिचय
क्या आपने कभी सोचा कि जीवन की शुरुआत कैसे हुई और इसमें पानी की क्या भूमिका है? कुरान और साइंस दोनों इस सवाल का जवाब अपने-अपने तरीके से देते हैं, और हैरानी की बात यह है कि इनमें गहरी समानताएं हैं। कुरान में पानी को जीवन का आधार बताया गया है, और आधुनिक साइंस भी इसे पुष्टि करता है। इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि कुरान और साइंस जीवन की उत्पत्ति और पानी के महत्व को कैसे देखते हैं। तो चलिए, इस रोचक सफर पर निकलते हैं!
कुरान में जीवन और पानी का ज़िक्र
कुरान में अल्लाह ने बार-बार पानी को जीवन से जोड़ा है। सूरह अल-अनबिया (21:30) में कहा गया:
“क्या इनकार करने वालों ने यह नहीं देखा कि आकाश और धरती पहले एक ही थे, फिर हमने उन्हें अलग किया और हर ज़िंदा चीज़ को पानी से बनाया? क्या फिर भी वे यकीन नहीं करते?”
यह आयत साफ बताती है कि हर जीवित चीज़ की उत्पत्ति पानी से हुई। सूरह अल-फुरकान (25:54) में भी लिखा है:
“और वही है जिसने पानी से इंसान को बनाया और उसे रिश्तेदारी और संतान दी।”
कुरान यहाँ पानी को न सिर्फ जीवन का आधार बल्कि इंसान की रचना का स्रोत बताता है। यह हमें सोचने पर मजबूर करता है कि पानी कितना खास है।
साइंस में जीवन और पानी
आधुनिक साइंस भी पानी को जीवन का मूल तत्व मानती है। वैज्ञानिकों का कहना है कि पृथ्वी पर जीवन की उत्पत्ति लगभग 3.5 अरब साल पहले समुद्रों में हुई। पानी एक ऐसा पदार्थ है जो कोशिकाओं के निर्माण और जैविक प्रक्रियाओं के लिए ज़रूरी है।
- रासायनिक गुण: पानी में हाइड्रोजन और ऑक्सीजन होते हैं, जो जीवन के लिए बुनियादी हैं।
- शरीर में पानी: इंसान का 60-70% शरीर पानी से बना है। बिना पानी के जीवन कुछ दिनों से ज़्यादा नहीं चल सकता।
- पृथ्वी की खासियत: साइंस कहती है कि पानी की मौजूदगी ही पृथ्वी को रहने योग्य बनाती है।
कुरान में “हर ज़िंदा चीज़ को पानी से बनाया” और साइंस में पानी की अनिवार्यता—क्या यह संयोग नहीं?

कुरान और साइंस का कनेक्शन
कुरान 1400 साल पहले नाज़िल हुई, जब साइंस इतनी विकसित नहीं थी। फिर भी, यह पानी को जीवन का आधार बताती है, जो आज साइंस की खोजों से मेल खाता है। यह दिखाता है कि कुरान में वैज्ञानिक संकेत मौजूद हैं, जो हमें अल्लाह की कुदरत पर सोचने की दावत देते हैं। सूरह नूह (71:17) में कहा गया: “और अल्लाह ने तुम्हें धरती से उगाया।” साइंस भी कहती है कि जीवन धरती पर पानी के साथ शुरू हुआ।
निष्कर्ष
जीवन की उत्पत्ति और पानी का महत्व कुरान और साइंस दोनों में एक केंद्रीय विचार है। कुरान इसे अल्लाह की निशानी बताता है, और साइंस इसे जीवन का आधार साबित करता है। अगली बार जब आप पानी पिएँ, तो सोचें—यह कितना बड़ा चमत्कार है जो हमें ज़िंदा रखता है। अगर आपको यह पसंद आया, तो अपने विचार कमेंट में बताएँ!
अगली पोस्ट इस बारे में होगी:
हम अगली पोस्ट में बात करेंगे कि कुरान और साइंस इंसान की रचना और विकास के बारे में क्या कहते हैं। इसे मिस न करें!